बैंक में मिनिमम पैसा रखने का लिमिट तय वरना कटेगा पैसा Bank Minimum Balance Rule
भारत में बैंकिंग व्यवस्था न्यूनतम शेष राशि यानी मिनिमम बैलेंस को लेकर कई नए नियम लागू किए गए हैं जो सभी बैंक खाता धारकों को जानना जरूरी है आपको किसी भी बैंक में खाता है कि बैंक में मिनिमम बैलेंस कितना रखना है उसके लिए आरबीआई की तरफ से नई रूल जारी की गई है यह व्यवस्था बैंकों को परिचालन लागत कर करने और बैंक खाता धारकों को नियमित लेनदेन के लिए प्रेरित करने की बनाई गई है सामना तो सारे क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों में काम और न्यूनतम बैलेंस कर सकता होती है यदि खाते में निर्धारित काम हो जाता है कैसे में चार्ज करना शुरू हो जाता है।
किस बैंक में कितना मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी है।
अलग-अलग बैंकों में न्यूनतम बैलेंस की आवश्यकता अलग होती है सरकारी बैंकों में आमतौर पर या राशि कम होती है अधिक हो सकती है स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया पंजाब नेशनल बैंक सरकारी बैंकों में शहरी क्षेत्र के लिए 1000 से 3000 तक न्यूनतम बैलेंस रखना पड़ता है वहीं प्राइवेट बैंकों में यह राशि अधिक हो सकती है हालत समय-समय पर बैंक अपने नियमों बदलाव करता है इसलिए सटीक जानकारी के लिए बैंक से संपर्क करें।
जनधन योजना के अंतर्गत खाता आधार कार्ड को बड़ी खबर।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए खातों में जीरो बैलेंस को सुविधा होती है इसका मतलब है कि खातों में न्यूनतम बैलेंस रखने की बात है जोड़ने के लिए बनाए गए हैं इसी तरह से कुछ अन्य विशेष प्रकार के खाता में भी न्यूनतम बैलेंस की छूट दी गई है छोटे ग्रामीण बैंकों में और मुख्य शहरी बैंकों में यह आवश्यकता कायम ना बराबर होती है।
निष्क्रिय खाता की समस्या।
यदि किसी खाते में लंबे समय तक कोई लेनदेन नहीं होता है तो बैंक के उनके लिस्ट के लिए या डॉक्यूमेंट खाता घोषित कर देता आमतौर पर दो से तीन कोई ट्रांजैक्शन ना होने पर ऐसी स्थिति आती है वह खाता दोबारा से गिरे करने के लिए केवाईसी प्रक्रिया करनी पड़ती है औपचारिक रूप से यह नियमित सभी बैंकों में नियम लागू होता और लेनदेन रखना अनिवार्य होगा।
बैंक द्वारा सूचना देने की प्रक्रिया।
नियमों के अनुसार यदि बैंक के खाता बंद करने की फैसला लेते हैं तो वह खाता घरों की सूचित करता है सूचना एसएमएस ईमेल आईडी पत्र के माध्यम से दिया जाता खाताधारक को उचित समय दिया जाता था कि वह अपने खाता की स्थिति की सुधार सके और अपने खाता दोबारा से एक्टिव कर सके यह दिखाता धारा संपर्क नहीं हो पता तो नॉमिनी नेम की भी जानकारी दी जाती है।
सावधानियां और सुझाव।
खासदार को कुछ चाहिए के बाद अपने बैंक के नियमों को नियमित रूप रखें और मोबाइल नंबर ईमेल एड्रेस पता कि बैंक सूचना समय पर मिल सके नियमित रूप से छोटे लेनदेन आपके खाते में स्थित नजर रखा जाता है।