8th Pay Commission: सरकारी नौकरी करने वालों के लिए वेतन आयोग का नाम ही उम्मीद और राहत का दूसरा नाम होता है। हर कुछ सालों बाद जब नया पे कमीशन लागू होता है तो कर्मचारियों और पेंशन भोगियों की जेब में सीधा असर देखने को मिलता है। अब पूरे देश में सबसे ज्यादा चर्चा आठवें वेतन आयोग यानी 8th Pay Commission की हो रही है, जिसे 2026 में लागू किए जाने की उम्मीद है। कर्मचारियों के मन में सवाल है कि आखिर इस बार कितनी बढ़ोतरी होगी और महंगाई पर इसका कितना असर पड़ेगा।
5वां वेतन आयोग और महंगाई
पांचवां वेतन आयोग साल 1997 में लागू हुआ था। उस समय औसत महंगाई दर लगभग 7 प्रतिशत थी। न्यूनतम वेतन 2550 रुपये प्रति माह तय किया गया था। यह वेतन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया, लेकिन कुछ ही वर्षों में महंगाई बढ़ने से यह राशि छोटी पड़ गई।
6वां वेतन आयोग और बड़ा बदलाव
साल 2008 में छठा वेतन आयोग लागू हुआ। उस समय महंगाई दर 8 से 10 प्रतिशत तक पहुंच चुकी थी। न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 7000 रुपये कर दिया गया। यह पिछले आयोग की तुलना में 4450 रुपये की बड़ी छलांग थी। छठे वेतन आयोग की खासियत थी कि इसमें वेतन बैंड और ग्रेड पे की शुरुआत हुई, जिसने सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव किया।
7वां वेतन आयोग और नई उम्मीद
साल 2016 में सातवां वेतन आयोग लागू हुआ। तब महंगाई दर औसतन 5 से 6 प्रतिशत थी। न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 18000 रुपये कर दिया गया। यानी पिछले आयोग से 11000 रुपये की वृद्धि। इस बार पे मैट्रिक्स की व्यवस्था लागू की गई और पेंशन के लिए भी नए फार्मूले बने। कर्मचारियों के बीच इस आयोग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा वर्क लाइफ बैलेंस की भी रही।
8वां वेतन आयोग से क्या उम्मीद
8th Pay Commission को लेकर सबसे बड़ी उम्मीद 2026 से जुड़ी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि उस समय महंगाई दर 6 से 7 प्रतिशत रह सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस आयोग में 30 से 34 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि हो सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन इतना तय है कि वेतन ढांचा महंगाई और आर्थिक विकास को ध्यान में रखकर बदला जाएगा।